जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के ऐतिहासिक हवामहल के सामने 3 मई की रात करीब डेढ़ बजे एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना घटी। रील शूट करने आए इंजीनियरिंग के चार छात्र उस समय दहशत में आ गए जब एक स्विफ्ट डिजायर कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हद तो तब हो गई जब कार चालक ने गाड़ी रोककर मदद करने के बजाय, रिवर्स में गाड़ी चलाकर छात्रों को कुचलने की कोशिश की और मौके से फरार हो गया। इस खौफनाक वारदात का सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस हादसे में बाइक सवार एक छात्रा घायल हो गई, जिसे कार ने टक्कर मारने के बाद कुछ दूर तक घसीटा भी। पीड़ित छात्रों का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने जब माणकचौक थाना पुलिस से गुहार लगाई, तो उन्हें निराशा ही हाथ लगी। छात्रों का दावा है कि पुलिस ने न तो उनकी बात गंभीरता से सुनी और न ही घायल छात्रा का समय पर मेडिकल करवाया। छात्रों को न्याय के लिए खुद ही दुकानदारों के पास जाकर सीसीटीवी फुटेज जुटाने पड़े, जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर भारी लापरवाही के सवाल उठाता है।
घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से छात्रों में भारी आक्रोश है। कार में चालक के अलावा चार अन्य लोग भी सवार थे, जो टैक्सी नंबर की गाड़ी में थे। छात्रों का आरोप है कि पुलिस का रवैया बेहद उदासीन रहा है, जिससे दोषियों के हौसले बुलंद हैं। प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने से पीड़ित इंजीनियरिंग छात्र खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हैं।
यह मामला राजस्थान में सड़क सुरक्षा की भयावह तस्वीर पेश करता है। सड़क परिवहन मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों (2020-2024) में देश में 3.15 लाख से अधिक हिट एंड रन के मामले दर्ज किए गए हैं। मध्य प्रदेश इस सूची में शीर्ष पर है, जबकि राजस्थान 24,259 मामलों के साथ देश में चौथे स्थान पर खड़ा है। बढ़ते ऐसे हादसे न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि सड़कों पर जानलेवा लापरवाही लगातार बढ़ती जा रही है।