जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की योजना तेज हो गई है। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों को जोड़ने के उद्देश्य से आमेर, जगतपुरा, बगराना (आगरा रोड) और आईएसबीटी हीरापुरा तक मेट्रो विस्तार का नया मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की रणनीति बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक में मेट्रो परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में फेज-2 के साथ फेज-1सी (बड़ी चौपड़-ट्रांसपोर्ट नगर) और फेज-1डी (मानसरोवर-अजमेर रोड चौराहा) के काम पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रस्तावित रूट और अलाइनमेंट को प्रेजेंटेशन के जरिए पेश किया।
बैठक में आमेर के लिए दो रूट विकल्पों पर विचार किया गया। पहला रूट गलता गेट, दिल्ली बायपास और जलमहल होते हुए आमेर तक जाएगा, जबकि दूसरा बड़ी चौपड़ से जोरावर सिंह गेट तक अंडरग्राउंड और आगे एलिवेटेड ट्रैक के जरिए आमेर को जोड़ेगा। अंडरग्राउंड निर्माण की लागत अधिक होने के कारण इस विकल्प पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
जगतपुरा के लिए ट्रांसपोर्ट नगर से राजापार्क, अरण्य भवन होते हुए एपेक्स सर्किल तक मेट्रो विस्तार का प्रस्ताव है। वहीं टोंक रोड, सांगानेर और एयरपोर्ट क्षेत्र को भी जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा 200 फीट रोड के जरिए हीरापुरा बस स्टैंड को जोड़ने और आगरा रोड के माध्यम से बगराना व कानोता तक विस्तार की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
हालांकि फेज-2 की लगभग 42 किलोमीटर लंबी परियोजना की डीपीआर अभी केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार कर रही है, जिसे मई 2025 में भेजा गया था। मंजूरी मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें करीब दो महीने लग सकते हैं और निर्माण कार्य पूरा होने में लगभग पांच साल का समय लगने का अनुमान है।
गौरतलब है कि जयपुर मेट्रो का पहला चरण 2014 में शुरू हुआ था और फिलहाल यह मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक करीब 11 किलोमीटर के रूट पर ही संचालित हो रही है। प्रस्तावित विस्तार के बाद शहर में ट्रैफिक दबाव कम होने और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।