जयपुर न्यूज डेस्क: राजधानी जयपुर की सड़कों पर ट्रैफिक का हाल अब पूरी तरह बदलने वाला है। डीजीपी राजीव शर्मा के खुद जाम में फंसने और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सख्ती के बाद जयपुर ट्रैफिक पुलिस में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव किया गया है। सोमवार को गृह विभाग ने पूरे ट्रैफिक मैनेजमेंट की 'सर्जरी' करते हुए अधिकारियों की एक नई और मजबूत टीम तैनात कर दी है।
अब शहर के चारों कोनों (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए भारी-भरकम अधिकारियों की फौज होगी। हर इलाके की कमान अब 1-1 एडीसीपी (ADCP) और 2-2 एसीपी (ACP) के पास होगी। नई नियुक्तियों के तहत हरि प्रसाद सोमानी को एडीसीपी नॉर्थ, समीर कुमार को वेस्ट और डॉ. हेमंत कुमार जाखड़ को ईस्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पुराने सिस्टम के कई अधिकारियों को हटाकर दूसरी शाखाओं में भेज दिया गया है।
ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए अब आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। शहर को 72 ट्रैफिक बीट में बांटा गया है और जाम पर नजर रखने के लिए ड्रोन तैनात किए जाएंगे। कंट्रोल रूम से सीधे ड्रोन की फीड देखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। इसके अलावा, फील्ड में अब 20 इंस्पेक्टर्स का जाल बिछाया गया है, जो सीधे जमीन पर मौजूद रहकर व्यवस्था सुधारेंगे।
इतना ही नहीं, सड़क पर तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को अब एक नई पहचान मिलेगी। उनकी वर्दी में बदलाव किया जा रहा है ताकि वे भीड़ में अलग नजर आएं। इसके साथ ही उन्हें 20 'स्पेशल राइडर' बाइक्स भी दी गई हैं। ये राइडर्स संकरी गलियों और भारी जाम के बीच भी तेजी से पहुंचकर रास्ता साफ करवाने में मदद करेंगे।