जयपुर न्यूज डेस्क: भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमांड ने रविवार को राजस्थान के गांडीव स्टेडियम से ‘जयपुर सोल्जराथॉन’ का आयोजन किया। इस आयोजन में देशभक्ति और जज़्बे का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
सेवानिवृत्त मेजर सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि इस आयोजन की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि कई ऐसे पूर्व सैनिक भी इसमें शामिल हुए, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने अंग खो दिए हैं। ये वीर सैनिक व्हीलचेयर पर मौजूद थे, लेकिन उनका हौसला और जज़्बा बिल्कुल भी कम नहीं था। उन्होंने कहा कि इस दौड़ का उद्देश्य उन जवानों का समर्थन करना है, जिन्होंने अपने अंग खो दिए, लेकिन लड़ने का जज़्बा नहीं खोया।
करीब 5,000 प्रतिभागियों ने 21 किमी, 10 किमी, 5 किमी और 3 किमी की दौड़ में हिस्सा लिया। पूनिया ने यह भी बताया कि अगले वर्ष इस सोल्जराथॉन को फरवरी के तीसरे रविवार को आयोजित किया जाएगा और इसमें 15,000 से 20,000 लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, जहां सैनिकों के साथ दौड़ने का अवसर मिलता है।
इससे पहले पिछले वर्ष 20 अप्रैल को नई दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) में ‘रन फॉर सोल्जर्स एंड रन विद सोल्जर्स’ थीम के साथ सोल्जराथॉन का पहला आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सशस्त्र बलों के वीर जवानों को सम्मान देना और उनके प्रति एकजुटता दिखाना था। साथ ही, यह आयोजन पुणे के खड़की स्थित पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर के लिए फंड जुटाने के लिए भी किया गया, जो ड्यूटी के दौरान घायल हुए सैनिकों को विशेष देखभाल और सहायता प्रदान करता है।