जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर के मालवीय नगर में एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह हुई वीभत्स छेड़छाड़ के मामले में मुख्य आरोपी राहुल गुर्जर ने अंततः पुलिस के बढ़ते दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं। जयपुर पुलिस की विशेष टीमों द्वारा बीहड़ों और पांच अलग-अलग शहरों में किए गए पीछा करने के बाद, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए एक नई चाल चली। उसने बुधवार शाम मध्य प्रदेश के मुरैना कोर्ट में गुपचुप तरीके से आत्मसमर्पण कर दिया, जहाँ अदालत ने उसे एमपी के एक पुराने लंबित मामले में जेल भेज दिया है।
पुलिस महानिरीक्षक और डीसीपी ईस्ट के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस की टीमें आरोपी को साये की तरह ट्रैक कर रही थीं। राहुल जयपुर से फरार होकर बारां, चित्तौड़गढ़ और धौलपुर होते हुए चंबल के दुर्गम बीहड़ों में जा छिपा था। जवाहर सर्किल थाना और डीएसटी ईस्ट की सक्रियता को देखते हुए राहुल ने कानूनी दांवपेच का सहारा लिया ताकि वह राजस्थान पुलिस की तत्काल हिरासत और संभावित कड़ाई से बच सके। हालांकि, जयपुर पुलिस अब उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए वापस लाने की तैयारी में जुट गई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी राहुल गुर्जर मूल रूप से ग्वालियर के बिजौली का निवासी है और उसकी पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। उस पर पूर्व में भी लूट, डकैती और हिंसक मारपीट जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। रविवार को मालवीय नगर में हुई इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद समाज में गहरा रोष व्याप्त था। आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस ने तकनीकी और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर उसकी घेराबंदी की, जिसके कारण उसे सरेंडर करने पर मजबूर होना पड़ा।
इस प्रकरण में पुलिस विभाग के भीतर भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने और आरोपी को प्रारंभिक पकड़ के बाद भी बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ देने के गंभीर आरोप में एएसआई महेश चंद्र और हेड कांस्टेबल अंगदराम मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गर्भवती महिला की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आरोपी को जयपुर लाकर कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।