जयपुर न्यूज डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीमों ने 26 मई को हैदराबाद, जयपुर और कोयंबटूर में कुल आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी (Searches) की। यह कार्रवाई मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश में हुए कथित अवैध रेत खनन घोटाले और निविदा (टेंडर) शर्तों के उल्लंघन से जुड़ी हुई है।
इन कंपनियों और व्यक्तियों के ठिकानों पर हुई छापेमारी:
कॉर्पोरेट कार्यालय: जांच एजेंसी ने मैसर्स जीसीकेसी प्रोजेक्ट्स एंड वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s GCKC Projects and Works Pvt. Ltd.), मैसर्स प्रतिमा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (M/s Prathima Infrastructure Ltd.) और मैसर्स टर्नकी एंटरप्राइजेस प्राइवेट लिमिटेड (M/s Turnkey Enterprises Pvt. Ltd.) के दफ्तरों को खंगाला।
आवासीय परिसर: इसके साथ ही हैदराबाद और जयपुर में बोइनीपल्ली श्रीनिवास राव, अशोक कुमार और वीजी वेंकट रेड्डी के आवासों तथा बोइनीपल्ली श्रीनिवास राव के एक फार्महाउस पर भी छापेमारी की गई।
क्या है पूरा मामला और क्यों शुरू हुई जांच?
एसीबी की एफआईआर (FIR): इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले की नींव आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा (एनटीआर जिला) के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की केंद्रीय जांच इकाई (CIU) द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी पर आधारित है। यह एफआईआर खान और भूविज्ञान विभाग के तत्कालीन निदेशक वीजी वेंकट रेड्डी, मैसर्स जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JPVL), मैसर्स प्रतिमा इंफ्रास्ट्रक्चर और मैसर्स जीसीकेसी प्रोजेक्ट्स के खिलाफ दर्ज की गई थी।
अवैध खनन के आरोप: इन पर रेत खनन संचालन में गंभीर अनियमितताएं बरतने, निर्धारित टेंडर शर्तों और समझौतों का उल्लंघन करने तथा बड़े पैमाने पर अवैध खनन करने का आरोप है।
2400 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना (डिमांड नोटिस):
ईडी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित जिला स्तरीय रेत समितियों (DSLCs) ने जब रेत खदानों का निरीक्षण किया, तो पाया कि जेपीवीएल (JPVL), जीसीकेसी और प्रतिमा इंफ्रास्ट्रक्चर ने स्वीकृत खनन क्षेत्रों से बाहर जाकर और निर्धारित गहराई से कहीं अधिक रेत की खुदाई की थी। नियमों की इस धज्जी उड़ाने वाली कार्रवाई पर खान और भूविज्ञान निदेशक के कार्यालय ने कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। इसके बाद, तीनों संस्थाओं के खिलाफ कथित अवैध उत्खनन के लिए कुल 2,407.70 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस (जुर्माना) जारी किया गया था।
छापेमारी में जब्त की गई नकदी और कीमती सामान:
ईडी ने तलाशी अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर बेहिसाब संपत्ति और दस्तावेज बरामद किए हैं:
नकदी और विदेशी मुद्रा: मौके से 1.53 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा और 1,800 अमेरिकी डॉलर (USD) की विदेशी मुद्रा जब्त की गई।
चांदी: इसके अलावा, करीब 1.29 करोड़ रुपये की चांदी (सिल्वर बुलियन) बरामद की गई है।
डिजिटल उपकरण व दस्तावेज: ईडी ने कई डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं, जिनमें आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा शामिल है।