जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार शाम कुदरत के बदले मिजाज ने विमान यात्रियों और क्रू की सांसें अटका दीं। अबूधाबी से जयपुर आ रही एतिहाद एयरवेज की अंतरराष्ट्रीय उड़ान जब अपने निर्धारित समय शाम 7:35 बजे गुलाबी नगरी के आसमान पर पहुँची, तो वहां चल रही धूल भरी तेज हवाओं और कम दृश्यता ने लैंडिंग को जोखिम भरा बना दिया। खराब मौसम के चलते एटीसी (ATC) ने सुरक्षा कारणों से विमान को तुरंत उतरने की अनुमति नहीं दी।
पायलट को काफी समय तक जयपुर के आसमान में ही चक्कर लगाने (Hoovering) के निर्देश दिए गए, जिससे विमान में सवार यात्रियों के बीच घबराहट का माहौल बन गया। लैंडिंग के कई असफल प्रयासों और मौसम में सुधार न होते देख, विमान को सुरक्षित रूप से डायवर्ट करने या हवा में ही इंतजार करने की चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। आखिरकार मौसम की स्थिति थोड़ी सामान्य होने के बाद ही विमान को रनवे पर उतरने की हरी झंडी मिल सकी।
हवाईअड्डा सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम अचानक आए अंधड़ और गरज-चमक के कारण केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ही नहीं, बल्कि कई घरेलू विमानों के शेड्यूल पर भी बुरा असर पड़ा। कई उड़ानों को नजदीकी दिल्ली या अहमदाबाद एयरपोर्ट की ओर भेजने पर विचार किया जा रहा था। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में 'विंड शीयर' (हवा की गति में अचानक बदलाव) लैंडिंग के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित होता है, जिसके कारण एतिहाद की इस फ्लाइट को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इस घटना ने एक बार फिर मानसून से पूर्व होने वाली मौसमी हलचलों के दौरान हवाई सुरक्षा मानकों की अहमियत को रेखांकित किया है। राहत की बात यह रही कि पायलट के धैर्य और एटीसी के सटीक तालमेल की वजह से विमान को सुरक्षित लैंड करा लिया गया और किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे खराब मौसम के दौरान उड़ानों की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही घर से निकलें।