जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर में आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) में भ्रष्टाचार का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जयपुर, कोटा और अन्य स्थानों पर एक साथ कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ITAT जयपुर के अधिवक्ता राजेंद्र सिसोदिया और ज्यूडिशियल मेंबर डॉ. एस. सीथालक्ष्मी शामिल हैं, साथ ही अपीलकर्ता मुज्जम्मिल भी इसमें फंसा। आरोप है कि अपील निस्तारण के दौरान रिश्वत लेकर पक्षकारों को फायदा पहुँचाया जा रहा था।
CBI ने कार्रवाई के दौरान राजेंद्र सिसोदिया को 5.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए धराया। ज्यूडिशियल मेंबर डॉ. सीथालक्ष्मी की कार से 30 लाख रुपये नकद बरामद हुए। तलाशी अभियान में अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, हवाला लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। एजेंसी ने बताया कि रिश्वत हवाला नेटवर्क के माध्यम से दी जाती थी ताकि इसका कोई सीधा रिकॉर्ड न रहे।
स्रोतों के अनुसार, ITAT जयपुर बेंच में लंबित अपीलों को प्रभावित करने के लिए एक मजबूत रिश्वत सिंडिकेट सक्रिय था। इसमें न्यायिक सदस्य, अधिवक्ता और अन्य सहयोगी शामिल थे, जो अपीलकर्ताओं को लाभ पहुँचाने के लिए फैसलों को प्रभावित करते थे। यह नेटवर्क लंबे समय से इसी तरीके से काम कर रहा था और CBI ने इसकी पूरी गहन जांच शुरू कर दी है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मामले में और भी लोगों की भूमिका की जांच चल रही है और आगामी दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। CBI ने 25 नवंबर 2025 को अधिवक्ता, न्यायिक सदस्य, असिस्टेंट रजिस्ट्रार और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने तक कई और नाम उजागर हो सकते हैं और ITAT में चल रहे भ्रष्टाचार का पूरा नेटवर्क सामने आएगा।