जयपुर न्यूज डेस्क: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को राजस्थान के सबसे बड़े अवैध विस्फोटक जब्ती मामले की जांच अपने हाथ में ले ली। नागौर पुलिस ने गृह मंत्रालय के 2 फरवरी के आदेश के अनुसार सभी केस फाइलें, दस्तावेज और सबूत NIA को सौंप दिए। यह मामला थवला पुलिस थाना क्षेत्र के हर्सौर गांव से लगभग 10,000 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किए जाने से जुड़ा है।
सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक मिलने और मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंपने का निर्णय लिया। नागौर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि 24 जनवरी को आरोपी सुलैमान खान के फार्महाउस पर छापे में भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट, विस्फोटक तार और डिटोनेटर बरामद किए गए। आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया और पूछताछ के आधार पर SIT ने चार अन्य सप्लायर्स को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया।
सभी पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया और उनके रिमांड समाप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने लगभग छह अन्य लोगों के नाम भी केस में दर्ज किए हैं। शुरुआती जांच में आरोपियों ने बताया कि विस्फोटक सामग्री बड़ी लाइसेंसी स्टोरेज यूनिट्स (मैगज़ीन) से प्राप्त कर छोटे और अनियमित यूनिट्स में सप्लाई की जाती थी, जो अक्सर अवैध खनन से जुड़ी होती है।
पुलिस अधीक्षक कच्छावा ने कहा कि प्रारंभिक चरण में केंद्रीय एजेंसियों जैसे NIA और इंटेलिजेंस ब्यूरो को भी शामिल किया गया था और आवश्यक खुफिया जानकारी साझा की गई थी। अब आगे की पूरी जांच और कानूनी कार्रवाई NIA द्वारा की जाएगी। नागौर पुलिस ने सभी केस फाइलें और दस्तावेज NIA को सौंप दिए हैं।