जयपुर न्यूज डेस्क: राजस्थान में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने इस मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें जयपुर से पकड़ा गया मुख्य आरोपी मनीष भी शामिल है।
जांच के मुख्य बिंदु:
सीकर बना केंद्र: जांच का मुख्य केंद्र सीकर जिला बना हुआ है। आशंका है कि परीक्षा से कई हफ्ते पहले एक 'गेस पेपर' तैयार किया गया था जिसमें लगभग 410 प्रश्न थे।
प्रश्नों का मिलान: जांचकर्ताओं का संदेह है कि इस पेपर के करीब 120 केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के सवाल मुख्य परीक्षा के पेपर से मेल खाते हैं। यह प्रश्न बैंक पीडीएफ और प्रतियों के माध्यम से सीकर से चूरू, झुंझुनूं और यहां तक कि देहरादून तक फैला।
पैसे का लेनदेन: पुलिस अब इस रैकेट के वित्तीय लेन-देन और इसके भौगोलिक विस्तार की कड़ाई से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इसके तार कहां-कहाँ जुड़े हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पक्ष:
विवादों के बीच NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा पूरी सुरक्षा के साथ आयोजित की गई थी। एजेंसी के अनुसार, प्रश्न पत्रों के परिवहन के लिए जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग, केंद्रों पर एआई-युक्त सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक सत्यापन और 5G जैमर्स जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
इस कथित लीक ने प्रदेश और देश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। विपक्षी नेताओं ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग की है। लाखों परीक्षार्थियों का भविष्य अब इस जांच की रिपोर्ट पर टिका हुआ है।