जयपुर न्यूज डेस्क: जयपुर को स्वच्छता में देश का अग्रणी शहर बनाने के लिए प्रशासन ने अब 'नाइट स्वीपिंग' (रात में सफाई) का मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार की रात जब शहर सो रहा था, तब जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें सड़कों पर सफाई अभियान में जुटी थीं।
प्रशासनिक सक्रियता की मिसाल: स्कूटी पर निकले अधिकारी
अभियान की सबसे चर्चित तस्वीर तब दिखी जब जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा खुद जमीनी हकीकत जानने के लिए स्कूटी पर निकल पड़े। आयुक्त कसेरा स्कूटी चला रहे थे और कलेक्टर नायक पीछे बैठकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। हेलमेट पहनकर इन अधिकारियों ने सुरक्षा का संदेश भी दिया।
अभियान की मुख्य बातें:
समय: रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' चलाया गया।
कार्यबल: 2000 सफाईकर्मियों सहित कुल 2500 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे।
रणनीति: पूरे शहर को 36 बीट्स में बांटकर निगरानी की गई ताकि परकोटे और मुख्य बाजारों में ट्रैफिक की बाधा के बिना गहरी सफाई हो सके।
संसाधन: सफाई टीमों को नाइट जैकेट, टॉर्च, गमबूट, डंपर और हूपर जैसे जरूरी उपकरण दिए गए।
'सूरत मॉडल' से प्रेरणा
कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि हाल ही में उन्होंने स्वच्छता के लिए मशहूर सूरत शहर के कचरा प्रबंधन मॉडल का अध्ययन किया था। अब उसी तर्ज पर जयपुर में भी नाइट स्वीपिंग को एक नियमित प्रक्रिया बनाने की योजना है। प्रशासन का मुख्य फोकस कचरा पृथक्करण (कचरे को अलग-अलग करना) और लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने पर है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में नंबर-1 की तैयारी
नगर निगम का लक्ष्य आगामी 'स्वच्छ सर्वेक्षण' में जयपुर की रैंकिंग में बड़ा सुधार करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कचरा ट्रांसफर स्टेशनों को पूरी तरह मशीनीकृत किया जाएगा। साथ ही, शुरुआत में लोगों को जागरूक किया जाएगा, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।