जयपुर न्यूज डेस्क: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने प्रदेश की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी पर चिंता जताते हुए कहा कि राजस्थान की राजनीतिक संस्कृति हमेशा शालीन और मर्यादित रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों।
हनुमान बेनीवाल द्वारा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर लगाए गए आरोपों और भाजपा के राजस्थान में तीसरे नंबर पर पहुंचने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कैलाश चौधरी ने कहा कि भाजपा आज देश की सबसे मजबूत राजनीतिक शक्ति है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राजस्थान दोनों जगह भाजपा की सरकार है तथा देश के अधिकांश राज्यों में पार्टी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दक्षिण भारत में भी भाजपा तेजी से अपना जनाधार मजबूत कर रही है, ऐसे में राजस्थान से भाजपा को हटाने की बात वास्तविकता से परे है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं की भाषा और व्यवहार का समाज पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जनता और कार्यकर्ता अपने नेताओं का अनुसरण करते हैं, इसलिए राजनीतिक संवाद में संयम, शालीनता और गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।
संतों के आंदोलनों और गौसेवा से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा संतों के सम्मान, सनातन परंपरा और गौसेवा के प्रति प्रतिबद्ध रही है। जैसलमेर में गायों की मौत और भैराणा धाम में संतों के आंदोलन के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। किसी भी संत या गौवंश के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
कैलाश चौधरी ने यह भी बताया कि भाजपा किसान मोर्चा जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में किसानों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित करेगा। इस पहल के तहत किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा और पहले चरण में 4,000 किसानों को प्रशिक्षक के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।