जयपुर न्यूज डेस्क: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। अब जांच एजेंसियों का फोकस राजस्थान के जयपुर ग्रामीण जिले के दो भाइयों दिनेश बिवाल और मांगीलाल पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों ने कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र हासिल कर उसे राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में नेटवर्क के जरिए फैलाया। जांच में जयपुर से सीकर और गुरुग्राम तक जुड़े कथित पैसों के लेनदेन का सुराग भी सामने आया है।
राजस्थान पुलिस ने सीकर से जांच की शुरुआत की, जहां आरके कंसल्टेंसी चलाने वाले राकेश मंडवारिया से पूछताछ की गई। पुलिस को शक है कि परीक्षा से पहले कथित “गेस पेपर” यहीं से छात्रों तक पहुंचाया गया। सूत्रों के अनुसार राकेश ने स्वीकार किया कि उसने यह पेपर दिनेश बिवाल और मांगीलाल से 15 लाख रुपये में खरीदा था। बाद में यह पेपर कई अभ्यर्थियों तक पहुंचा, जिसके बाद एक व्हिसलब्लोअर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को सूचना दी।
जांच एजेंसियां अब दोनों भाइयों के पारिवारिक संबंधों और परीक्षा कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि परिवार के पांच बच्चे 2024 से NEET परीक्षा में शामिल हुए हैं। दिनेश बिवाल का बेटा ऋषि सीकर में कोचिंग कर रहा था, जबकि मांगीलाल के बच्चों ने भी परीक्षा दी थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या पेपर खरीदने का मकसद परिवार के किसी सदस्य को फायदा पहुंचाना था।
सूत्रों के मुताबिक दोनों भाइयों ने पूछताछ में दावा किया कि उन्होंने यह पेपर गुरुग्राम निवासी आयुर्वेदिक छात्र यश यादव से 15 से 20 लाख रुपये में खरीदा था। अब CBI यश यादव, दिनेश बिवाल और मांगीलाल से आमने-सामने पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम और मनी ट्रेल की पुष्टि की जा सके। मामले में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।